वेतन मांगने गए युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने कंपनी मालिक पर करंट से हत्या का आरोप लगाया
ग्रेटर नोएडा, सूरजपुर: जैतपुर क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक की पहचान 33 वर्षीय हरिंदर कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हरिंदर की हत्या करंट लगाकर साजिशन की गई, जिसके पीछे कंपनी मालिक को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
वेतन की मांग करने गया था हरिंदर, लौटकर नहीं आया
परिजनों के मुताबिक, हरिंदर कुमार गुरुवार सुबह अपनी कंपनी में लंबे समय से रुके बकाया वेतन की मांग को लेकर गया था। कुछ घंटों बाद उसकी मौत की सूचना मिली। मृतक की पत्नी मालती देवी और दो छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हरिंदर की कंपनी में गाड़ी लगी हुई थी और वह पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिलने को लेकर परेशान चल रहा था। परिजनों ने दावा किया है कि कंपनी मालिक और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर उसे करंट देकर मार डाला।
शव रखकर चौराहे पर प्रदर्शन, रोड जाम, माहौल तनावपूर्ण
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोग और मृतक के परिजन जयपुर गोलचक्कर पर इकट्ठा हो गए। सुबह करीब 10:30 बजे से सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया गया। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर न्याय और गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हंगामे के चलते ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा और इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस कर रही जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत करने की कोशिश की। सूरजपुर थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो पाएगी।
हालांकि परिजन और स्थानीय लोग पुलिस की बातों से संतुष्ट नहीं हैं और दोषियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, न्याय की मांग
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में गहरा रोष पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि श्रमिकों के साथ ऐसा अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि जब तक हरिंदर के परिवार को न्याय और मुआवजा नहीं मिलेगा, वे शव को नहीं उठने देंगे।
परिवार की अपील: बच्चों के भविष्य के लिए मिले सहायता
हरिंदर की पत्नी ने सरकार से अपील की है कि उन्हें वित्तीय सहायता और बच्चों की शिक्षा का जिम्मा लिया जाए, ताकि परिवार का जीवन पटरी पर लौट सके।
