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भागलपुर औरंगजेब हत्याकांड में कोर्ट का फैसला, शाहरुख और सागर को उम्रकैद

भागलपुर। भागलपुर व्यवहार न्यायालय में सोमवार को तातारपुर थाना क्षेत्र के चर्चित मुहम्मद औरंगजेब हत्याकांड में फैसला सुनाया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम संजय प्रिया की अदालत ने मामले के मुख्य आरोपित मुहम्मद शाहरुख और मुहम्मद सागर को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर छह-छह महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

मामले में तीसरे आरोपित मुहम्मद अजहर को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने बरी कर दिया। सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक दीप कुमार ने अभियोजन पक्ष की ओर से बहस की।

घटना 4 सितंबर 2021 की शाम करीब सवा सात बजे जब्बारचक स्थित हकीम अमीर हसन लेन में हुई थी। प्राथमिकी के अनुसार, मुहम्मद औरंगजेब अपने घर पर था। इसी दौरान मुहम्मद इरफान के सामने शाहरुख अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और बातचीत के बहाने औरंगजेब को घर से बाहर बुलाया। बाहर आने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और आरोप है कि औरंगजेब के सिर से पिस्टल सटाकर गोली मार दी गई। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस जांच और अदालत में हुई सुनवाई के दौरान घटना के पीछे मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और भंडारण से जुड़े वर्चस्व के विवाद की बात सामने आई।

मामले में 14 सितंबर को सजा सुनाई जानी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से सुनवाई आगे बढ़ गई। इसी दौरान शाहरुख ने हाजत में सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। आरोप है कि उसने फर्श पर पड़े मार्बल के टुकड़े से हवलदार दिनेश प्रसाद के सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। इसके बाद शाहरुख ने खुद का सिर भी फोड़ लिया था।

इस घटना को लेकर तिलकामांझी थाने में शाहरुख के खिलाफ अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत ने औरंगजेब हत्याकांड में शाहरुख और सागर को उम्रकैद की सजा सुनाई।

इसी दिन अदालत ने चोरी की संपत्ति छिपाने और उसे ठिकाने लगाने से जुड़े करीब 29 वर्ष पुराने मामले में सुनील तांती उर्फ सुनील शर्मा को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 20 महीने के कारावास के साथ 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से अभियोजन पदाधिकारी मनीष कुमार ने पक्ष रखा।

कजरैली थाना क्षेत्र में 30 अगस्त 2023 को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में भी सोमवार को फैसला आया। पॉक्सो मामलों की विशेष न्यायाधीश सुगंध प्रसाद की अदालत ने आरोपित छोटू कुमार को पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 30 सितंबर 2026 की तारीख तय की है।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, चिकित्सक और अनुसंधानकर्ता समेत छह गवाहों के बयान दर्ज कराए। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपित को दोषी माना। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शंकर जयकिशन मंडल ने बहस की।

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