फर्जी दस्तावेजों से MBBS में दाखिले का मामला: एसआईटी ने तीन और आरोपियों को किया गिरफ्तार
देहरादून। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में दाखिला कराने के मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर अपनी बेटियों को एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए और उनका इस्तेमाल किया। इस प्रकरण में अब तक एसआईटी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को थाना रायपुर और थाना क्लेमेनटाउन में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। मामला ‘अपणी सरकार’ पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदनों से जुड़ा है। जांच के दौरान आवेदकों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज कथित तौर पर फर्जी पाए गए थे। इस संबंध में रायपुर थाने में मुकदमा संख्या 380/26 और क्लेमेनटाउन थाने में मुकदमा संख्या 86/26 दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। टीम ने संबंधित दस्तावेजों को कब्जे में लेकर उनकी जांच की। जांच के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पते गलत पाए गए। इसके बाद एसआईटी ने संबंधित शिक्षण संस्थानों से रिकॉर्ड जुटाए और विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में प्रवीण कुमार और जगपाल सिंह ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी रूपेश पंडित से संपर्क किया था। आरोप है कि रूपेश अपने साथियों के साथ करीब पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था और मेरठ में MECODO पाठशाला नाम से कंपनी संचालित करता था। इसके माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में कमीशन पर दाखिला दिलाने का काम किया जाता था।
एसआईटी के अनुसार, प्रवीण कुमार ने अपनी बेटी कुमारी खुशी के एमबीबीएस में दाखिले और कुमारी स्वाति को नीट काउंसलिंग में शामिल कराने के लिए कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र तैयार करवाए थे। इन दस्तावेजों को बनवाने के लिए प्रवीण कुमार द्वारा रूपेश पंडित को 25 लाख रुपये और जगपाल सिंह द्वारा 30 लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई है।
तीसरे आरोपी रामपाल सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर अपनी बेटी तृप्ति के एमबीबीएस दाखिले के लिए कथित तौर पर फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र और आधार कार्ड तैयार करवाए थे। पुलिस के अनुसार, इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसकी बेटी का दाखिला जीएमसी मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में कराया गया था।
तीनों आरोपियों की पहचान
एसआईटी द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
प्रवीण कुमार (48): पुत्र धन सिंह, निवासी गांव बड़कता, थाना व तहसील बुढ़ाना, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश।
जगपाल सिंह (50): पुत्र बलवीर सिंह, निवासी वार्ड नंबर 9, केशव नगर, लक्सर, जिला हरिद्वार।
रामपाल सिंह (52): पुत्र हरि सिंह, निवासी मोहल्ला चौहाना, कीरतपुर, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश।

