क्राइम

गुरुग्राम में शराब ठेका मालिक से गैंगस्टर के नाम पर रंगदारी मांगने का आरोप, नाबालिग समेत दो गिरफ्तार

गुरुग्राम। शराब ठेका मालिक से कथित तौर पर गैंगस्टर के नाम पर रंगदारी मांगने के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एक नाबालिग समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने इंटरनेट के जरिए वर्चुअल विदेशी मोबाइल नंबर हासिल कर वारदात को अंजाम दिया था। मामले की जांच फरुखनगर क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है।

पुलिस के अनुसार, शराब की दुकानों के लाइसेंस धारक एक व्यक्ति ने 27 अक्टूबर को फरुखनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 25 अक्टूबर को दोपहर करीब 12:30 बजे उसके मोबाइल पर विदेशी नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को अमेरिका में मौजूद गैंगस्टर बताया और रुपये देने की मांग की। रकम नहीं देने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।

शिकायत के आधार पर बुधवार को फरुखनगर थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद जांच अपराध शाखा फरुखनगर के उपनिरीक्षक लोकेश कुमार की टीम को सौंपी गई। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दोनों आरोपितों को पकड़ लिया।

एसीपी क्राइम इंदीवर कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपित की पहचान सुमित कुमार के रूप में हुई है, जो खेड़कीदौला थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर बढ़ा गांव का निवासी है। दूसरा आरोपित नाबालिग है।

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि सुमित गुरुग्राम कोर्ट में एक वकील के पास मुंशी का काम करता है। आरोप है कि उसने इंटरनेट के माध्यम से वर्चुअल विदेशी नंबर हासिल किया और नाबालिग के साथ मिलकर शराब ठेका मालिक से रंगदारी मांगने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, पीड़ित को कॉल नाबालिग ने की थी, जबकि मांगी गई रकम लेने की जिम्मेदारी सुमित की थी।

पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन की बरामदगी के प्रयास कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपित से रिमांड पर पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि क्या वे पहले भी किसी आपराधिक घटना में शामिल रहे हैं। साथ ही, किसी संगठित गिरोह से उनके संभावित संबंधों की भी जांच की जाएगी।

गुरुग्राम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट के माध्यम से लिए गए वर्चुअल विदेशी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करने से किसी व्यक्ति की पहचान पूरी तरह छिप नहीं जाती। आधुनिक तकनीक, साइबर जांच और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए ऐसे नंबरों के इस्तेमाल से जुड़ी गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है।

पुलिस ने चेतावनी दी कि वर्चुअल नंबरों को पूरी तरह ट्रेस न किए जा सकने वाला समझकर अपराध करने वाले लोग इस गलतफहमी में न रहें कि वे कानून की पहुंच से बाहर रहेंगे। तकनीक का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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