Breaking News
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण अभियान – 2024 की मार्गदर्शिका का किया विमोचन
कुवैत के हादसे में मारे गए भारतीयों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए लाया गया भारत
वनाग्नि की चपेट में आकर झुलसे चार वन कर्मियों को एम्स दिल्ली किया जा रहा शिफ्ट
बढ़ती गर्मी से परेशान पर्यटक मसूरी पहुंचने के लिए कर रहे कड़ी मशक्कत, घंटों इंतजार के बाद मिल रही बस
एमआई 17 के हेलीकॉप्टर की मदद से बिनसर अभयारण्य के जंगल में पानी डालने का काम शुरू
आदर्श जनपद चम्पावत के लिए बनाई जा रही कार्य योजना पर तेजी से कार्य किये जाएं : मुख्यमंत्री
महाराज ने आपदा प्रभावित ग्राम सुकई के परिवारों को राहत सामग्री की वितरित
वनाग्नि की समस्या से निपटने के लिए बनाया जाएगा ‘ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप’, नीति आयोग ने लिया फैसला
भारत में 2030 तक 10 करोड़ से अधिक नई नौकरियां देने की क्षमता है: पीएचडीसीसीआई

आज विधि- विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोले गए हेमकुंड साहिब के कपाट

शुरुआती दिनों में प्रतिदिन 3,500 श्रद्धालुओं की सीमा की गई निर्धारित

चमोली। हेमकुंड साहिब के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। शुक्रवार को गोविंदघाट गुरुद्वारे से पंज प्यारों की अगुवाई और सिख रेजिमेंट की बैंड की धुनों के साथ करीब 2000 श्रद्धालु यात्रा के प्रमुख पड़ाव घांघरिया के लिए रवाना हुए थे। गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह और बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने जत्थे को रवाना किया जो अपराह्न तीन बजे घांघरिया पहुंचा था। इसके बाद 25 मई को सुबह साढ़े नौ बजे हेमकुंड साहिब के कपाट विधि-विधान से खोल दिए गए। शुक्रवार को सुबह छह बजे से गोविंदघाट गुरुद्वारे में गुरुवाणी का पाठ, अरदास, सबद कीर्तन और अखंड पाठ का आयोजन हुआ।

इसके बाद सुबह आठ बजे गुरुद्वारे से पंचप्यारों की अगुवाई में श्रद्धालुओं का जत्था घांघरिया के लिए रवाना हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर उत्साह देखने को मिला। गोविंदघाट गुरुद्वारे के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया, शनिवार को घांघरिया से सुबह करीब नौ बजे श्रद्धालुओं का जत्था हेमकुंड साहिब पहुंचा। उसके बाद सुबह साढ़े नौ बजे हेमकुंड साहिब के कपाट खोल दिए गए। यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से यात्रा पड़ावों पर पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए सुरक्षा के दृष्टिगत शुरुआती दिनों में प्रतिदिन 3,500 श्रद्धालुओं को ही हेमकुंड भेजने की सीमा निर्धारित की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top