दिल्ली में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार; 1.59 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़े 125 मामले सामने आए
दिल्ली। देश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच दिल्ली पुलिस ने ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए इधर-उधर करने वाले एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। आउटर नॉर्थ जिला साइबर पुलिस ने चार अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि आरोपी साइबर अपराधियों को बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे। गिरोह अब तक करीब 70 बैंक खाते साइबर ठगों तक पहुंचा चुका था, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से हासिल रकम के लेनदेन में किया जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में चार बैंक खाताधारक और एक डाकिया भी शामिल हैं। इस पूरे नेटवर्क से जुड़े मोहित नाम के व्यक्ति की पहचान भी हुई है, जो फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। पुलिस आरोपियों के संपर्कों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, आठ एटीएम कार्ड, एक पीओएस मशीन, 10,030 रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। जांच एजेंसियों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर इन मामलों से संबंधित 125 शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों के आधार पर करीब 1.59 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का पता चला है।
एपीके के जरिए ठगी करने वाले मॉड्यूल का भी खुलासा
दिल्ली पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में एपीके आधारित साइबर ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए इसके मुख्य आरोपी सौरव को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार किया है। जांच में उसके खिलाफ पहले से दर्ज आठ आपराधिक मामलों की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, इस मॉड्यूल के जरिए करीब 3.73 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े मामले सामने आए हैं।
जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हैदराबाद में बैठे संचालकों और अन्य सहयोगियों की इस नेटवर्क में क्या भूमिका थी। पुलिस इस पूरे गिरोह के आर्थिक लेनदेन और साइबर अपराध से जुड़े संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
इस कार्रवाई में एक राहत की बात यह भी सामने आई है कि पीड़ितों को उनकी ठगी गई रकम में से 74.94 लाख रुपये वापस कराए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों से जुड़े लोगों की पहचान कर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

